Tag: poem

  • The guava humor because it rhymes

    Guava eating you causes lightening climbing your tree causes strain in feet there is no hollow in your stem but you fight with apple

  • तु जो देखे आंसमाँ में तुझे तारे दिखेंगे

    A poem .. सुन मधुबाला तु जो देखे आंसमाँ में तुझे तारे दिखेंगे तु जो सोचे तो ये सब आशिक सारे लगेंगे love sweet sweet love blue night and close to you तुझे चाहे जो पल वो आज है तेरे पास तेरी परछाई और तेरी ये सपने love sweet sweet love blue night and just…

  • तु जो देखे आंसमाँ में तुझे तारे दिखेंगे

    A poem .. सुन मधुबाला तु जो देखे आंसमाँ में तुझे तारे दिखेंगे तु जो सोचे तो ये सब आशिक सारे लगेंगे love sweet sweet love blue night and close to you तुझे चाहे जो पल वो आज है तेरे पास तेरी परछाई और तेरी ये सपने love sweet sweet love blue night and just…

  • हुस्न ने तुझे सिर्फ ऐतला किया है

    हुस्न ने तुझे सिर्फ ऐतला किया है

    हुस्न किसीको घायल नहीं करती हुस्न की याद में जख्म नींद में रेहती है होश तो यूँ ही आती जाती है हुस्न के नाम पर इसे बदनाम क्यों किया जाता तू हस भी सकता है अपने ही मैनत में हुस्न ने तुझे सिर्फ ऐतला किया है मजहब का इश्क में क्या पेहचान इश्क तो अच्छों…

  • ख्वाबों के आंगन, ख्वाबों के परछाईआं

    ख्वाबों के आंगन, ख्वाबों के परछाईआं

    सपने टूटगए शीशे के तरह … जो शीशा टूट सक्ती है तो सपने क्यों नहीं ? टूट के बिखर गए … — ख्वाबों के आंगन में, — बटोरने की फुर्सत न मिली ! जीने के वसूलों को … सपनो से मुकम्मल करना … — वह भी एक सपना ! ख्वाबों के परछाईआं … अभी भी…