मैं मज़हब के खिलाफ हूँ
… … मेहजबीन के नहीं
इश्क़ के चट्टान पे भी मुझ को आज़मा ले
… … खूबी तो दर्द से भी उभर सकते हें
love-in
by
Tags:
मैं मज़हब के खिलाफ हूँ
… … मेहजबीन के नहीं
इश्क़ के चट्टान पे भी मुझ को आज़मा ले
… … खूबी तो दर्द से भी उभर सकते हें
by
Tags:
Leave a comment