Manmohan Dash | Physics • Materials Science • AI
एक पलिटीसियन भोला भाला सा लगता ना जीजा ना शाला सा आया था देश में पढ़ने को हँसी मजाक़ में… Read more.
सपने टूटगए शीशे के तरह … जो शीशा टूट सक्ती है तो सपने क्यों नहीं ? टूट के बिखर गए… Read more.
बहत दूर चल दिया है हम ने इस का कोई अंजाम तो होगा मिले न मिले एक हम-ख़ुशी एक नई… Read more.
वफाएं तो हम से बहत तुने की थी मगर दिल्लगी की याद आ रही थी मिले थे जो तुझ से… Read more.
एक बुलंदी जो मिलजाती तो मैं एक तारा बन जाता लेकिन अपने कमियों से परेसान रेहता एक हस्र जो मिलजाती… Read more.
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